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Expectations | अपेक्षाओं का कोई अन्त नहीं

No End to Expectations No End to Expectations (अपेक्षाओं का कोई अन्त नहीं) रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था, कि एक कुत्ता दुकान में आया। उसके मुँह में...

childhood memories, यादें बचपन की 0

Childhood Memories | यादें बचपन की

Childhood Memories (यादें बचपन की) चपन मे 1 रु. की पतंग के पीछे २ की.मी. तक भागते थे… न जाने कितनी चोटे लगती थी… वो पतंग भी हमे बहोत दौड़ाती थी… आज पता चलता...